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सब ए बारात क्यों मनाया जाता है।

सब ए बारात

सब ए बारात

सब ए बारात एक इबादत की रात है।

सब ए बारात की रात में मुस्लमान हर तरह की इबादत पूरी रात करते है। 

 

इस रात हमारी सारी दुआ कबूल होती है।
सब ए बारात की रात इस्लामी कैलेंडर के मुताबिक आंठवे महीने शाबान की 15 तारीख को आती है।
इस रात हम कबरिस्तान जाते है और जीतने लोग इस दुनिया से जा चुके है। उन सभी के लिए दुआ करते है। 
इस रात हमारे घर में तरह- तरह के पकवान जैसे हलवा, 
बिरयानी, कोरमा आदि बनाया जाता है। इबादत के बाद इसे गरीबों में बांट दिया जाता है।
इस्लाम में यह रात फजीलत वाला माना जाता है।
इस रात हम दुआ मांगते है और अपनी गुनाहों की माफी मांगते है।